अभी काँच हूँ इसलिए दुनिया को चुभता हूँ – Hindi Shayari

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अभी काँच हूँ इसलिए दुनिया को चुभता हूँ,
जब आइना बन जाऊँगा… पूरी दुनिया देखेगी।

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