शम्मा परवाने को जलना सिखाती है – Hindi Shayari

शम्मा परवाने को जलना सिखाती है,
शाम सूरज को ढलना सिखाती है,
क्यों कोसते हो पत्थरों को जबकि…
ठोकरें ही इंसान को चलना सिखाती हैं।

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