तब बस ये फुटकर की दोस्ती ही सच्चा सुकून दिलाती है

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वक़्त बेवक़्त जब सारा पैसा और सारी ठाठ बाठ भी दिमाग को झुंझलाती है ,
तब बस ये फुटकर की दोस्ती ही सच्चा सुकून दिलाती है।